दून हॉराइज़न, देहरादून (29 अगस्त 2026): राजधानी स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में गंभीर मरीजों के इलाज का ढांचा अब और मजबूत हो गया है। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को अस्पताल परिसर में 12 बेड वाले आधुनिक कार्डियोलॉजी विंग और सुसज्जित इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का औपचारिक लोकार्पण किया।
कार्डियोलॉजी और इमरजेंसी सेवाओं का हुआ विस्तार
हृदय रोगों से जूझ रहे मरीजों को अब आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों या दिल्ली-चंडीगढ़ के बड़े संस्थानों की ओर भागने की मजबूरी नहीं रहेगी। नया 12 बेड का कार्डियोलॉजी विंग आधुनिक कार्डियक मॉनिटरिंग और लाइफ सपोर्ट उपकरणों से लैस है। इसके साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड के नए स्वरूप से ट्रॉमा और एक्यूट मेडिकल कंडीशन वाले मरीजों को ‘गोल्डन आवर’ में त्वरित उपचार मिल सकेगा। इससे अस्पताल की आपातकालीन वार्ड क्षमता में महत्वपूर्ण इजाफा हुआ है।
चिकित्सा शिक्षा में बना नया रिकॉर्ड
अस्पताल केवल बुनियादी सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल एजुकेशन में भी संस्थान ने इतिहास रच दिया है। उत्तराखंड का यह पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज बन गया है, जहां MCh यूरोलॉजी पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई है। इस ऐतिहासिक सत्र के पहले दो सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सकों—डॉ. विशाल सिंह और डॉ. इकरार अली को मंत्री ने स्वयं जॉइनिंग पत्र सौंपे। इससे स्थानीय स्तर पर यूरोलॉजी सर्जनों की कमी दूर होगी।
सरकारी प्राथमिकताओं में उच्च स्तरीय सुविधाएं
संबोधन के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि पर्वतीय जनपदों से देहरादून रेफर होने वाले मरीजों को राजधानी में ही विश्वस्तरीय इलाज देना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ मानव संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी और आईपीडी का लाभ अंतिम पंक्ति के नागरिक तक पहुंचे।
लोकार्पण अवसर पर चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गीता जैन, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) आर.एन. बिष्ट, डॉ. विनय मित्तल और डॉ. शोभा वी. सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। प्राचार्य प्रो. गीता जैन ने इस विस्तार को सामूहिक प्रयास बताते हुए विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में संस्थान क्लिनिकल रिसर्च और एडवांस पेशेंट केयर में नए मानक स्थापित करेगा।









