दून हॉराइज़न, देहरादून (12 सितंबर): उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) की सक्रियता ने प्रदेश की सियासत में एक बार फिर तल्खी ला दी है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामलों पर केंद्रीय एजेंसी के बढ़ते कदमों के बीच सूबे के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है।
देहरादून में दिए बयान में उन्होंने दो-टूक कहा कि जांच एजेंसियों के संवैधानिक कदमों को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताकर कांग्रेस अपनी पुरानी कार्यशैली और जिम्मेदारियों से पल्ला नहीं झाड़ सकती।
2016 के कथित स्टिंग का हवाला और पुराने घोटालों की फेहरिस्त
सुबोध उनियाल के मुताबिक, राज्य में सरकारी नौकरियों के नाम पर जो घालमेल आज बेनकाब हो रहा है, उसकी जड़ें दरअसल पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन के दौर में ही जम चुकी थीं। उन्होंने वर्ष 2016 में सामने आए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़े चर्चित स्टिंग का प्रसंग छेड़ते हुए कहा कि उस वक्त के कथित संवाद ने पूरे प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
मंत्री ने सिडकुल (SIDCUL), उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद (UBTER), आयुर्वेद विश्वविद्यालय के साथ-साथ दरोगा और पटवारी भर्ती में सामने आए विवादों की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में भ्रष्टाचार पर आंखें मूंद ली गई थीं। इसका सीधा खमियाजा राज्य के उन होनहार युवाओं को भुगतना पड़ा, जो वर्षों तक कोचिंग और कमरों में बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे।
नकल माफिया पर सख्त नकल रोधी कानून का शिकंजा
सत्तारूढ़ दल ने इस मौके पर अपनी सरकार की प्रशासनिक प्रतिबद्धता गिनाई। सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में परीक्षा माफिया के खिलाफ सिर्फ मौखिक घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि जमीन पर कड़ा असर दिखाया है।
उन्होंने याद दिलाया कि साल 2023 में प्रदेश में देश का सबसे कड़ा उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण) अध्यादेश लागू किया गया था, जिसमें नकल कराने वाले गिरोहों के लिए उम्रकैद तक की सजा और संपत्तियों की कुर्की का कड़ा प्रावधान रखा गया। उन्होंने दावा किया कि इस सख्त नीति के चलते ही पुलिस और एसटीएफ (STF) ने नकल माफिया से जुड़े 100 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा। कानून अपना काम कर रहा है।
जवाबदेही से बचने के बजाय हिसाब दे विपक्ष
कैबिनेट मंत्री ने साफ किया कि अगर कानून पुराने मामलों की तह तक पहुंच रहा है, तो राजनीतिक बयानबाजी से सच्चाई नहीं बदल जाएगी। युवाओं के परिश्रम के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा। विपक्ष को जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय अपने उस दौर का हिसाब देना चाहिए जब प्रदेश के युवाओं का हक छीना जा रहा था।









