देहरादून, 23 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dhami Labour Welfare Uttarakhand : उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के मकसद से कई नई कल्याणकारी योजनाओं का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को इन योजनाओं की घोषणा करते हुए कार्यस्थल और निवास स्थान पर ही स्वास्थ्य देखभाल की सीधी सुविधा देने के लिए दो अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
दूरस्थ इलाकों में काम करने वाले श्रमिकों को इलाज की कमी के कारण होने वाली शारीरिक परेशानियों से बचाना इस पहल का प्राथमिक मकसद है। प्रथम चरण में यह मेडिकल मोबाइल वैन सेवा पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत जिलों से शुरू की जा रही है, जिसे आने वाले दिनों में राज्य के सभी 13 जिलों में चरणबद्ध तरीके से विस्तारित करने की पूरी कार्ययोजना तैयार की गई है।
इन विशेष वैनों में श्रमिकों की सेहत जांचने के लिए एक्स-रे और ईसीजी सहित कुल 44 प्रकार की पैथोलॉजिकल एवं नैदानिक जांचें बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध रहेंगी। जिन स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं हो पाएंगे, वहां वैन में लगी टेली-कंसल्टेशन प्रणाली के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य जांच की यह प्रक्रिया केवल एक बार के टेस्ट तक सीमित नहीं रहने वाली है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद चिकित्सा टीम अगले तीन महीनों तक संबंधित श्रमिक के स्वास्थ्य संकेतकों की निरंतर और नियमित मॉनिटरिंग भी करेगी।
श्रमिकों के बच्चों को पोषण और शिक्षा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पोषण योजना और मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना का खाका खींचा गया है। पोषण योजना के तहत खाद्य सामग्री और स्वास्थ्यवर्धक आहार पैकेज वितरित किए जाएंगे, वहीं शिक्षा सामग्री योजना के अंतर्गत बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च घटाने के लिए स्कूल किट दी जाएगी।
स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मकसद से मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम भी इसमें शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियानों की तर्ज पर तैयार इस कार्यक्रम में श्रमिक परिवारों को बुनियादी हाइजीन किट बांटी जाएगी।
तकनीकी और शारीरिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना’ की नींव रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत हर वर्ष 210 पात्र छात्र-छात्राओं को योग और वेलनेस के क्षेत्र में पूर्णतः निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तकनीकी विधाओं में विशेषज्ञता हासिल करने वाले 70 युवाओं के लिए प्रशिक्षण पूरा होते ही आजीविका सुनिश्चित करने की विशेष व्यवस्था बनाई गई है। बोर्ड का पूरा जोर इस बात पर है कि ट्रेनिंग पूरी होते ही इन युवाओं को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ दिया जाए।
रोजमर्रा के काम को आसान बनाने और कमाई बढ़ाने के लिए श्रमिकों को आवश्यक औजार, साइकिल और सिलाई मशीनें बांटने का अभियान भी तेज किया जा रहा है। इसका सीधा असर उनकी रोजाना की कार्यकुशलता और यात्रा समय पर पड़ेगा।
आवास की समस्या से जूझ रहे पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अपना पक्का मकान बनाने अथवा बाजार से नया घर खरीदने के लिए सीधी वित्तीय सहायता दी जा रही है। वृद्धावस्था में जीवन यापन की चिंता दूर करने के लिए बुजुर्ग पंजीकृत श्रमिकों के खातों में नियमित मासिक पेंशन भेजने की प्रणाली को और मजबूत किया गया है।
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