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रुड़की की सोनम और पाकिस्तान का नेटवर्क, 15 बैंक खातों से करोड़ों का लेनदेन

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रुड़की, 29 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ से जुड़े करोड़ों रुपये के अवैध और संदिग्ध लेनदेन के तार उत्तराखंड के हरिद्वार तक पहुंच गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से रुड़की के कलियर क्षेत्र स्थित आसफनगर गांव में दबिश देकर सोनम नाम की युवती को गिरफ्तार किया है।

यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर चलाया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि महिला ने इस अवैध लेनदेन से मोटी कमाई की, लेकिन पकड़े जाने के डर से कभी अपने निजी बैंक खाते का इस्तेमाल नहीं किया।

राहुल खान की गिरफ्तारी से खुला राज

इस पूरे मामले का भंडाफोड़ जम्मू में हुई एक अन्य गिरफ्तारी से हुआ। एसएसपी नवनीत सिंह के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में राहुल खान नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। जब उसके मोबाइल फोन की जांच की गई, तो उसमें रुड़की की सोनम का नंबर और कुछ बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज मिले।

ये दस्तावेज राहुल ने ही सोनम को भेजे थे। इसी पुख्ता इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम हरिद्वार पहुंची और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर आसफनगर गांव से युवती को हिरासत में लिया।

15 बैंक खाते और काम करने का तरीका

सोनम का नेटवर्क पूरी तरह से ऑनलाइन और नकदी के बीच काम कर रहा था। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि उसके पास करीब 15 ऐसे बैंक खाते थे, जो दूसरों के नाम पर थे। इनमें से ज्यादातर खाते मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम पर खोले गए थे। जैसे ही इन खातों में पैसा आता, सोनम के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज आ जाता था। मैसेज देखने में देरी होने पर उसे तुरंत कॉल की जाती थी।

निर्देश मिलते ही वह बैंक या एटीएम जाती, वहां से नकदी निकालती और फिर बताए गए अन्य खातों में एक बार में करीब 30 हजार रुपये जमा कर देती थी। यह पूरी प्रक्रिया अक्सर दोपहर के समय की जाती थी। सुरक्षा के लिहाज से जैसे ही कोई बैंक खाता ब्लॉक होता, सोनम के पास नए खाते की पासबुक और एटीएम कार्ड पहुंचा दिया जाता था। अब तक ऐसे पांच खाते ब्लॉक हो चुके हैं, जिनमें कुछ रकम भी मौजूद थी।

आर्थिक तंगी और व्हाट्सएप कॉल का जाल

कलियर इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सोनम ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला दिया है। उसने पुलिस को जानकारी दी कि गांव की ही एक अन्य युवती ने उसे काम दिलाने के नाम पर उमर नाम के व्यक्ति का नंबर दिया था। उमर से उसकी व्हाट्सएप कॉल पर घंटों बातचीत होती थी।

करीब एक महीने तक उमर से संपर्क में रहने के बाद, उसने सोनम की बातचीत आदिल और हजीब नाम के दो अन्य लोगों से कराई। सोनम का दावा है कि वह आज तक इन लोगों से आमने-सामने नहीं मिली है।

पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट में स्थानीय स्तर पर और कौन-कौन शामिल है। जांच एजेंसियां खातों में आने वाली रकम के मूल स्रोत और उसके अंतिम गंतव्य का पता लगाने में जुटी हैं।

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