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Rudraprayag Heli Ambulance : हार्ट अटैक पीड़ित के लिए देवदूत बनी हेली सेवा, एयरलिफ्ट कर पहुंचाया AIIMS

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रुद्रप्रयाग, 16 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Rudraprayag Heli Ambulance : रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सजगता से एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्र में गंभीर मरीज के लिए हेली सेवा जीवन रक्षक साबित हुई है। जखोली निवासी 41 वर्षीय कुंदीलाल को दिल का दौरा पड़ने के बाद गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय लाया गया था, जहां से उन्हें समय गंवाए बिना एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

अस्पताल में दी गई प्राथमिक जीवन रक्षक चिकित्सा

जखोली निवासी कुंदीलाल को अचानक सीने में दर्द और हार्ट अटैक की शिकायत के बाद जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग लाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल की मेडिकल टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। डॉक्टर अथिरा और डॉक्टर दीपिका कांडपाल ने मरीज की बिगड़ती हालत को नियंत्रित करने के लिए ‘थ्रोम्बोलिसिस’ (थक्का घोलने की प्रक्रिया) और ‘इंट्यूबेशन’ जैसी आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी कीं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उच्च केंद्र में रेफर करने की सलाह दी।

प्रशासन और यूकाडा का त्वरित एक्शन

मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) से संपर्क किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर कुछ ही समय में हेली एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। मरीज को जिला अस्पताल से गुलाबराय हेलीपैड लाया गया, जहां से कैप्टन राजेश भारद्वाज और विक्रांत भारद्वाज की टीम ने उन्हें एयरलिफ्ट किया। पूरी उड़ान के दौरान विशेषज्ञ मेडिकल टीम मरीज के पैरामीटर्स पर नजर बनाए रही।

अंतर्विभागीय तालमेल से मिली सफलता

इस रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता के पीछे स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग का सटीक समन्वय रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार की देखरेख में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। एम्स ऋषिकेश पहुंचने के बाद मरीज को सीधे इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके आगे के उपचार की निगरानी कर रही है।

रुद्रप्रयाग में आपातकालीन सेवाओं की सक्रियता

पहाड़ी जिलों में सड़क मार्ग से ऋषिकेश या देहरादून पहुंचने में लगने वाले समय को देखते हुए हेली सेवा वरदान साबित हो रही है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी 2026 में अगस्त्यमुनि के राजकीय इंटर कॉलेज बीना में तैनात एक शिक्षक को ब्रेन स्ट्रोक होने पर भी इसी तरह एयरलिफ्ट कर जान बचाई गई थी।

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