हल्द्वानी, 27 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Sourav Joshi comment : हल्द्वानी के व्लॉगर सौरभ जोशी इंस्टाग्राम पर एक कमेंट के कारण फिर चर्चा में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में छात्र आंदोलन के बीच एक सेल्फी वीडियो साझा किया था। इस वीडियो के कमेंट सेक्शन में सौरभ जोशी ने लिखा, “अब से डेली व्लॉग भी आएंगे क्या मोदी जी?” यह कमेंट तेजी से वायरल हो गया।
इंस्टाग्राम पर सौरभ जोशी के इस कमेंट को 55 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। हजारों इंस्टाग्राम यूजर्स लगातार इस पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया पेजों ने इस कमेंट का स्क्रीनशॉट साझा किया है। यूजर्स इसे एक मजाकिया और हल्के-फुल्के अंदाज का कमेंट बता रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में देश में चल रहे नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद पर बात रखी थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने इसी मुद्दे को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया था। पीएम मोदी का यह सेल्फी वीडियो उसी छात्र आंदोलन और पेपर लीक के सवालों पर केंद्रित था।
सौरभ जोशी हाल ही में एक बड़े विवाद में फंसे थे। उन्होंने अपनी मर्सिडीज कार में E20 पेट्रोल डालने के बाद खराब माइलेज का दावा करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो की सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना हुई। कार निर्माता कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके दावों का पूरी तरह खंडन किया। कंपनी की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद सौरभ जोशी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
आज सोमवार को केंद्र सरकार लोकसभा में एक सख्त विधेयक पेश करने जा रही है। यह बिल प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए तैयार किया गया है। संगठित अपराधों के लिए इस विधेयक में कम से कम सात साल के कारावास का प्रस्ताव शामिल है। दोषियों पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया जाएगा।
प्रस्तावित संशोधनों में जांच और कानूनी प्रक्रिया की समय सीमा तय की गई है। पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी अनिवार्य होगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तुरंत त्वरित अदालतें स्थापित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। ये विशेष अदालतें आरोपपत्र दाखिल होने के ठीक तीन महीने के भीतर मुकदमे की पूरी कार्यवाही खत्म करेंगी।
नीट पेपर लीक को लेकर देश भर में भारी आक्रोश है। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार तेज हुआ। शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार पर सख्त कदम उठाने का भारी राजनीतिक दबाव था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों को लेकर एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने उच्च अधिकार प्राप्त समिति के गठन की आधिकारिक घोषणा की है। यह समिति देश में परीक्षाओं के संचालन और सुरक्षा से जुड़ी खामियों को दूर करने का काम करेगी।









