देहरादून, 23 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के तत्वाधान में सरकारी नौकरियों में अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी देहरादून के शहीद स्मारक पर चल रहा धरना प्रदर्शन और क्रमिक अनशन 39वें दिन में प्रवेश कर गया।
धरना स्थल पर अल्मोड़ा जिले से आए दीपक सिंह बगड़वाल और रामनगर से पहुंचे नवीन नैथानी अनशन की कमान संभालते हुए अनिश्चितकालीन मंच पर बैठे। दोनों अभ्यर्थियों ने साफ किया कि जब तक सरकार उनके अधिकारों पर कोई ठोस प्रशासनिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने स्थिति की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से राज्य आंदोलनकारी आश्रित केवल अपनी जायज नियुक्ति पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। सरकार की ओर से लगातार मिल रही अनदेखी के कारण ही अभ्यर्थियों को राजधानी की सड़कों पर उतरकर लगातार 39 दिनों तक अनशन करने पर मजबूर होना पड़ा है।
आंदोलन को मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति उत्तराखंड की प्रांतीय महामंत्री दमयंती नेगी अपनी महिला कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ शहीद स्मारक पहुंचीं। उन्होंने धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों से मिलकर उनके संघर्ष को अपना पूरा समर्थन देने का औपचारिक ऐलान किया।
दमयंती नेगी ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में पहले ही बहुत अधिक देरी हो चुकी है। राज्य निर्माण में अपना जीवन खपाने वाले आंदोलनकारियों के आश्रितों को इस तरह सड़कों पर बैठाना प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है, इसलिए सरकार को बिना किसी और तकनीकी पेंच के तुरंत वंचित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने होंगे।
धरना स्थल पर एकजुटता दिखाने के लिए विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग भी पहुंचे। समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से राम किशन, पंकज सिंह रावत, शैलेश सेमवाल, मनोरथ प्रसाद ध्यानी और विनोद असवाल शामिल रहे।
इसके साथ ही प्रभात डंडरियाल, सुरेश कुमार, दौलत सिंह बगड़वाल, पुष्पा रावत, रेखा शर्मा, बालेश बवानिया, महेश कुमार, सुरेश नेगी, पुष्प बहुगुणा, इंदु नौटियाल, राजेश शर्मा, रामपाल, अब्बल सिंह रावत और बलबीर सिंह नेगी ने भी अनशन स्थल पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी।









