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चंडीगढ़ में चमका उत्तराखंड का नाम, आपदा में राहत पहुंचाने वाले दून के वालंटियर्स को मिला सम्मान

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देहरादून, 11 जून (दून हॉराइज़न)। चंडीगढ़ में आयोजित एक गरिमामय समारोह में देहरादून की सामाजिक संस्था ‘चढ़दी कला वॉलिंटियर’ के सदस्यों को सम्मानित किया गया है। ग्लोबल सिख ऑर्गेनाइजेशन (जीएसओ) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन संगठनों और व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना था, जिन्होंने पंजाब में आई भीषण बाढ़ के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए राहत सामग्री और संसाधन पहुंचाए थे।

राष्ट्रीय मंच पर देहरादून के सेवा कार्यों को मिली सराहना

बाढ़ पीड़ितों की मदद में अग्रिम पंक्ति में रहकर काम करने के लिए चढ़दी कला वॉलिंटियर के प्रयासों को इस मंच पर विशेष रूप से रेखांकित किया गया। संस्था के सदस्यों ने संकट के समय पंजाब के प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बड़े स्तर पर राहत शिविर और रसद का प्रबंधन संभाला था, जिसके लिए चंडीगढ़ में उन्हें स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र सौंपे गए।

कोरोना काल से लेकर टपकेश्वर आपदा तक सक्रिय भूमिका

चढ़दी कला संस्था का सेवा का इतिहास केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। उत्तराखंड में आई विभिन्न प्राकृतिक और सामाजिक आपदाओं में भी यह संगठन लगातार सक्रिय रहा है। कोविड-19 महामारी के संकट काल में जब लोग घरों से निकलने से डर रहे थे, तब इन वॉलिंटियर्स ने फील्ड में उतरकर राहत पहुंचाई थी। इसके अलावा, पिछले वर्ष देहरादून के प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र में आई अचानक आपदा के दौरान भी इस संस्था ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और मलबे की सफाई के काम में पूरा सहयोग दिया था।

सम्मान समारोह में शामिल हुए दून के ये प्रमुख चेहरे

देहरादून से इस सम्मान समारोह में भाग लेने चंडीगढ़ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक चेहरे शामिल थे। मंच पर मुख्य रूप से उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य और वर्तमान पार्षद संतोख सिंह नागपाल, पूर्व पार्षद देवेंद्र पाल सिंह मोंटी, सरदार रविंदर सिंह आनंद, और सरदार गुरजिंदर सिंह आनंद को सम्मानित किया गया।

इनके साथ ही सेवा कार्यों में सक्रिय रहने वाले सरदार हरजीत सिंह रिंकू, रौनक कोहली, सरदार परमजीत सिंह, सरदार मनप्रीत सिंह और मिथुन राठौण को भी इस प्रतिष्ठित मंच पर गौरव मिला।

अनुपस्थित सदस्यों के योगदान को भी सराहा

समारोह के दौरान संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि कुछ अपरिहार्य कारणों से चढ़दी कला टीम के सभी सदस्य चंडीगढ़ नहीं पहुंच सके थे। हालांकि, आयोजकों ने सेवा की भावना का सम्मान करते हुए कार्यक्रम के दौरान मंच से उन सभी अनुपस्थित सदस्यों के नामों की भी विशेष रूप से घोषणा की और उनके योगदान की सराहना की।

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