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दून की टूटी सड़कों से मिलेगी राहत, 16 अक्टूबर तक हर हाल में भरे जाएंगे सभी गड्ढे

गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर पीडब्ल्यूडी और एनएच को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 16 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत काम पूरा करने के आदेश।

देहरादून (15 अक्टूबर) : त्योहारों से पहले देहरादून और गढ़वाल मंडल की सड़कों को चमकाने के सरकारी दावों के बीच प्रशासनिक सख्ती बढ़ गई है। तय समयसीमा बीत जाने के बावजूद शत-प्रतिशत सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य निर्माण एजेंसियों को महज एक दिन (24 घंटे) का अंतिम अल्टीमेटम थमा दिया है।

गुरुवार को कैंप कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने अफसरों की क्लास लगाते हुए साफ कहा कि बारिश या तापमान का कोई भी तकनीकी बहाना अब नहीं चलेगा; 16 अक्टूबर की शाम तक हर हाल में शेष पांच प्रतिशत सड़कों पर पैचवर्क और डामरीकरण का काम पूरा होना चाहिए।

सड़कें गड्ढामुक्त करने को 24 घंटे का अल्टीमेटम

समीक्षा बैठक में जब निर्माण एजेंसियों ने काम में देरी के पीछे हालिया बारिश और मौसम का हवाला दिया, तो आयुक्त ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है और आम जनता को हिचकोले खाते हुए नहीं छोड़ा जा सकता। निर्माणदायी संस्थाओं को दो टूक हिदायत दी गई है कि 16 अक्टूबर तक काम पूरा न करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सड़कों की गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता करने वाले अभियंताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।

बारिश और तापमान का बहाना नहीं मानेगा प्रशासन

बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी, एनएच और पीएमजीएसवाई के इंजीनियरों ने अपनी सफाई में दलील दी कि बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश के कारण डामरीकरण (हॉट मिक्स) के लिए जरूरी तापमान नहीं मिल पा रहा था, जिससे डामर बिछाने का काम प्रभावित हुआ। हालांकि, विभागीय अफसरों ने दावा किया कि तमाम अड़चनों के बावजूद देहरादून जिले में लगभग 95 प्रतिशत सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा चुका है। इस पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि शेष बचे 5 प्रतिशत हिस्से को युद्धस्तर पर ठीक किया जाए। सड़कों पर सिर्फ खानापूरी के लिए रोड़ी-मिट्टी न डाली जाए, बल्कि टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि पहली ही बारिश में काम न उखड़े।

अंतिम पांच फीसदी गड्ढे भरने में जुटीं एजेंसियां

कमिश्नर के कड़े अल्टीमेटम के बाद निर्माण एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई है। बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता दयानंद, पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता एमके मित्तल, ब्रिडकुल के परियोजना प्रबंधक मनजीत देशवाल, बीआरओ के सहायक अधिशासी अभियंता योगम्बर सिंह रावत और राष्ट्रीय राजमार्ग के नोडल अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी टीमें रात-दिन शिफ्टों में काम कर रही हैं। शहर के व्यस्ततम चौराहों, रिंग रोड, हरिद्वार बाईपास और संपर्क मार्गों पर जहां भी पैचवर्क बाकी है, वहां हॉट मिक्स प्लांट से तेजी से माल भेजकर 16 अक्टूबर तक हर हाल में सड़कों को मोटरेबल और चिकना बना दिया जाएगा।

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