देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक (Uttarakhand Cabinet Decisions) में कई युगांतरकारी निर्णय लिए गए। सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में रोजगार, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े कुल 18 प्रस्तावों पर औपचारिक मुहर लगा दी गई। इनमें सबसे प्रमुख फैसला सेना में 4 साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं के लिए एक समर्पित रोजगार प्रकोष्ठ बनाने का है।
अग्निवीरों के लिए खुला नया रास्ता
चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर दिसंबर और जनवरी तक लौटने वाले जवानों के भविष्य को संवारने के लिए सरकार ने अग्निवीर रोजगार सेल (Agniveer Employment Cell) के गठन को हरी झंडी दी है। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अग्निवीरों के लिए अलग सेल बनाने के साथ-साथ राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है।
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यह सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (Chief Minister Office) के अधीन काम करेगा। संचालन के लिए उप निदेशक, सहायक निदेशक और डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत कुल 6 नए पद सृजित किए गए हैं। दरअसल, जनवरी तक प्रदेश के करीब 1200 अग्निवीर सेवा पूरी कर वापस लौट रहे हैं। थलसेना और नौसेना से 25 फीसदी स्थायी होने के बाद लौटने वाले शेष 75 प्रतिशत ट्रेंड युवाओं को उच्च शिक्षा, स्किलिंग और स्वरोजगार से जोड़ना इस सेल का मुख्य दायित्व होगा।
उपनल कर्मचारियों को समान वेतन की सौगात
लंबे समय से आंदोलनरत उपनल (UPNAL) कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने बड़ी राहत का ऐलान किया। उपनल कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया की समय-सीमा तय कर दी गई है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार, बिना पद स्वीकृति के नियुक्त कर्मियों के लिए नए पद सृजित होंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि सेवा में निरंतरता की अनिवार्य शर्त हटा दी गई है, जिससे दायरे से बाहर रहे कर्मियों को भी न्यूनतम वेतनमान और संशोधित महंगाई भत्ते (DA) का लाभ मिलेगा।
बिजली करार, लोकायुक्त और स्वास्थ्य सुधार
ऊर्जा संकट के दीर्घकालिक समाधान के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्थित अडानी थर्मल पावर प्लांट से 1320 मेगावाट बिजली खरीद के पावर परचेज एग्रीमेंट (Power Purchase Agreement) को मंजूरी दी। केंद्र से उत्तराखंड को आवंटित कोल ब्लॉक का इस्तेमाल करते हुए राज्य को 25 साल तक ₹5.746 प्रति यूनिट की फिक्स दर पर बिजली मिलेगी।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ‘उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन’ बनेगा, जो दवाओं और मेडिकल उपकरणों की केंद्रीयकृत खरीद करेगा। इसके अलावा, बहुप्रतीक्षित लोकायुक्त (Lokayukta) की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के लिए सर्च कमेटी नियमावली को स्वीकृत किया गया। वहीं परिवहन क्षेत्र में नीतिगत बदलाव करते हुए राज्य सीमा में प्रवेश पर हाइब्रिड वाहनों से ग्रीन सेस की छूट समाप्त कर दी गई है, हालांकि इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को यह छूट पूर्ववत मिलती रहेगी।









