देहरादून, 29 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने और शहरी विकास को गति देने के लिए ₹16 करोड़ से अधिक की धनराशि को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के तहत जहां एक ओर आपदा के कारण अपने घरों से दूर किराए पर रह रहे परिवारों को वित्तीय सहायता मिलेगी, वहीं देहरादून में सीवर लाइन और पंपिंग स्टेशन के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है।
आपदा प्रभावितों को सीधी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री राहत कोष से उन 19 प्रभावितों के लिए ₹61.09 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिनके होटल और भवन अगस्त 2025 में स्यानाचट्टी (ग्राम कुन्शाला) में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बनी अस्थाई झील में जलमग्न हो गए थे। इसके अतिरिक्त, टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी, प्रतापनगर और जाखणीधार जैसे क्षेत्रों में अतिवृष्टि और भूस्खलन से बेघर हुए परिवारों के लिए भी राहत का ऐलान किया गया है। वर्तमान में किराए के मकानों में रह रहे इन परिवारों को अगले 6 महीनों तक ₹4,000 प्रति माह की दर से कुल ₹19.28 लाख की सहायता दी जाएगी।
जिलों के लिए ‘अनटाइड फंड’ और शहरी विकास
प्रशासनिक कार्यों में सुगमता और स्थानीय विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से सभी जनपदों के लिए कुल ₹13 करोड़ के ‘अनटाइड फंड’ को अवमुक्त करने का अनुमोदन किया है। वहीं, राजधानी देहरादून के पित्थूवाला क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए श्रद्धा एन्क्लेव में सीवर लाइन बदलने और संधू व प्रियदर्शिनी एन्क्लेव में एसपीएस (Sewerage Pumping Station) निर्माण के लिए ₹2.43 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
शहीद को सम्मान: खेतीखान ITI का बदला नाम
राज्य के वीरों को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), खेतीखान का नाम बदलने का निर्णय लिया है। अब यह संस्थान ‘शहीद रेवाधर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खेतीखान’ के नाम से जाना जाएगा। शहीद लांसनायक रेवाधर के सर्वोच्च बलिदान को भावी पीढ़ियों के बीच जीवंत रखने के उद्देश्य से यह नामकरण किया गया है।









