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Uttarakhand News : अब पहाड़ों में ही मिलेगा रोजगार का मौका, युवाओं के लिए सरकार का सबसे बड़ा कदम

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उत्तराखंड सरकार ने राज्य के युवाओं के भविष्य को संवारने और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पहले युवा आयोग के गठन की घोषणा की है, जो युवाओं से जुड़े मुद्दों को सीधे नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाएगा।

इस आयोग के जरिए दूरदराज के पहाड़ी जिलों के छात्रों और युवा उद्यमियों की समस्याओं का समाधान एक ही मंच पर हो सकेगा। सरकार ने अभी इस आयोग की पूरी संरचना और समयसीमा की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं की आवाज़ अब शासन-प्रशासन तक सीधे पहुंचेगी।

प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 लाई गई है। इस योजना के तहत सिविल सेवा, रक्षा सेवा, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी, कैट, गेट और नेट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।

सरकार ने इसके लिए 7 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिससे कक्षा 11 और 12 के 10,000 मेधावी छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पर्वतीय जिलों के छात्र अब अपने घर पर रहकर ही इन परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे और उन्हें महंगे कोचिंग संस्थानों के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवा स्वरोजगार योजना के तहत 18 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत युवाओं को आईआईटी और आईआईएम स्तर का कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और नया बिजनेस शुरू करने पर 30 प्रतिशत तक की बैंक लोन सब्सिडी दी जाएगी।

सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। स्थानीय स्तर पर इन उद्यमों के खुलने से आसपास के लोगों को भी रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

पहाड़ी क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने के लिए सरकार ने चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में हिल इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने की योजना बनाई है। इन पार्कों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उन्हें आजीविका के लिए पलायन न करना पड़े। अपने घर के पास रोजगार मिलने से युवा अपने परिवारों के साथ रह सकेंगे और स्थानीय स्तर पर छोटी दुकानों व सेवाओं का विकास भी तेजी से हो सकेगा।

इस व्यापक युवा एजेंडे के तहत समाज में असाधारण साहस दिखाने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए वार्षिक राज्य बाल वीरता पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से जूझने वाले उत्तराखंड में इस तरह के पुरस्कार बच्चों को समाज के सक्रिय और साहसी सदस्य के रूप में उभरने की प्रेरणा देते हैं।

इन सभी योजनाओं का मिलाजुला असर यह होगा कि राज्य का युवा शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के मोर्चे पर अधिक आत्मविश्वासी बनकर उभरेगा।

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