कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल पार्टी संगठन से नाराज, दिनभर हुई उन्हें मनाने की कोशिशें

कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल पार्टी संगठन से नाराज बताए जा रहे हैं। शनिवार दिनभर उनको मनाने की कोशिशें की गईं। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह तीन घंटे तक उनके आवास पर रहे। इधर, पार्टी छोड़ने और भाजपा ज्वाइन करने की अटकलों पर अग्रवाल बोले, जब सूरज निकलेगा, तब देखेंगे।

धर्मपुर विधानसभा से विधायक और कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके अग्रवाल को लेकर शनिवार को राजनैतिक हलकों में चर्चाएं तेज रहीं। इन सबके बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह उनसे मिलने पहुंचे। वे करीब तीन घंटे तक अग्रवाल के घर पर रहे।   

इस बीच कांग्रेस के भीतर अग्रवाल की नाराजगी और उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पार्टी मुख्यालय तक में उनके कांग्रेस छोड़ने की चर्चा से हड़कंप मचा रहा। समर्थक भी पहुंच गए अग्रवाल के घर तमाम अटकलों के बीच पूर्व मंत्री के समर्थक और उनके विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान कांग्रेस पार्षद भी उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने पूर्व मंत्री को अपने समर्थन का इजहार किया।

प्रवक्ताओं की तैनाती पर भी रार कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रवक्ताओं की सूची जारी की। इसे लेकर भी कांग्रेस के भीतर रार मची हुई है। महानगर कांग्रेस की महिला अध्यक्ष उर्मिला थापा ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रवक्ताओं की तैनाती को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

मुख्यालय से भी बनाई दूरी

बताया जा रहा है कि दिनेश अग्रवाल पार्टी संगठन के कुछ पदाधिकारियों के व्यवहार से इस कदर नाराज हैं कि वह पिछले काफी वक्त से कांग्रेस मुख्यालय तक नहीं आ रहे हैं। हालांकि, टिहरी से पार्टी प्रत्याशी जोत सिंह गुनसोला की ओर से पिछले दिनों एक होटल में बुलाई गई बैठक में वह जरूर शामिल हुए थे।

पार्टी से नाराजगी और भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर अग्रवाल ने स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा। वे इतना ही बोले, अभी सूरज नहीं निकला है, जब सूरज निकलेगा, तब देखा जाएगा। लोकसभा चुनाव में सक्रिय नहीं होने के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि मैं पूरी तरह सक्रिय हूं, साथ ही पूछा कि क्या सिर्फ चुनाव में सक्रियता को ही राजनैतिक सक्रियता माना जाता है?
हरिद्वार लोकसभा सीट पर पड़ सकता है असर

पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल की नाराजगी को लेकर जिस तरह की बात सामने आ रही है, उससे हरिद्वार लोकसभा सीट पर कांग्रेस को मुश्किल उठानी पड़ सकती है। क्योंकि, धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र सर्वाधिक मतदाता वाला क्षेत्र है।

पूर्व मंत्री की नाराजगी की एक वजह यह भी

हाल में नियुक्त वार्ड और ब्लॉक अध्यक्षों को लेकर धर्मपुर क्षेत्र के लिए अग्रवाल की राय तक नहीं ली गई। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। हालांकि, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि उन्हें किसी की नाराजगी की जानकारी नहीं है। पार्टी संगठन की ओर से जो भी तैनाती की गई है, वह तय प्रक्रिया में सबकी सहमति से की गई। सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने का काम किया गया है।
 

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