---Advertisement---

Uttarakhand Weather : 10 जिलों में भारी बारिश का तांडव! 3 जिलों में स्कूल बंद, 100 बीघा जमीन बही, देखें ताजा अपडेट ?

---Advertisement---

दून हॉराइज़न, देहरादून (31 अगस्त): मानसून की मार (Uttarakhand Weather) से उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। उफनती नदियों और दरकती पहाड़ियों के बीच राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने फील्ड अफसरों को सातों दिन 24 घंटे तैनात रहने का सख्त निर्देश थमा दिया है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत 10 प्रमुख जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है, जिसके चलते देहरादून, पौड़ी और नैनीताल के आंगनबाड़ी समेत कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों में ताले लटक गए हैं।

नदियों के रौद्र रूप से रिहायशी इलाकों में हाहाकार

पछुवादून से लेकर ऋषिकेश तक नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। टोंस नदी खतरे के निशान को पार कर बह रही है, जबकि ऋषिकेश में गंगा और चंद्रभागा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच गया है। सेलाकुई के शिवनगर इलाके में उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब स्वारना नदी के प्रचंड बहाव ने एक पक्के मकान को ताश के पत्तों की तरह बहा दिया। गनीमत रही कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम ने समय रहते भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।

वहीं विकासनगर के छरबा-केदारावाला क्षेत्र में शीतला नदी ने भयंकर कटान करते हुए किसानों की करीब 100 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि निगल ली है। सौड़ा सरौली के ग्रामीण हाट के पास नदी का पानी सीधे सड़क और बस्ती की तरफ रुख कर चुका है, जहां आनन-फानन में भारी मशीनें लगाकर सुरक्षा तटबंध तैयार किए जा रहे हैं।

राजमार्गों पर भूस्खलन का तांडव, मलबे में दबे वाहन

पहाड़ों पर बारिश का सबसे खतरनाक असर मुख्य यातायात मार्गों पर पड़ा है। केदारनाथ पैदल मार्ग से पहले काकड़ागाड में पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिरने से हाईवे पर लगभग दो घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहे। लोनिवि और राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनों ने कड़ी मशक्कत के बाद रास्ता सुचारू कराया।

उधर कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में एक विशालकाय पेड़ मलबे सहित मुख्य सड़क पर आ गिरा, जिससे सिमली-कर्णप्रयाग रूट घंटों जाम रहा। इस हादसे में सड़क किनारे खड़ी चार मोटरसाइकिलें और एक स्कूटी मलबे में दबकर चकनाचूर हो गईं, जबकि दो दुकानों के शटर भी टूट गए। मसूरी-देहरादून हाईवे पर पानी बैंड के पास भी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटने से ऊपरी रिहायशी इमारतों की नींव पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

अगले 24 घंटे भारी, प्रशासन को ग्राउंड जीरो पर रहने की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटों में टिहरी, पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और रुद्रप्रयाग में बादलों का भयंकर जमावड़ा देखने को मिलेगा। आपदा प्रबंधन मंत्री ने विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों को दो-टूक कहा है कि किसी भी सूरत में मानवीय क्षति नहीं होनी चाहिए। नदी किनारे बसी मलिन बस्तियों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर लगातार मुनादी कराई जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और राहत सामग्री के साथ मुस्तैद हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे उफनते गदेरों और भूस्खलन संभावित रास्तों से पूरी तरह दूर रहें।

यह भी पढ़ें : बिना नई परमिशन नहीं खड़ी होंगी इमारतें, ऋषिकेश महायोजना पर बड़ा अपडेट

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment