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Uttarakhand Weather : पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर! मूसलाधार बारिश से 20 सड़कें बंद, जगह-जगह फंसे सैकड़ों यात्री

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पिथौरागढ़, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। गुरुवार रात भर हुई बारिश से धारचूला-तवाघाट मार्ग समेत जिले की 20 सड़कों पर मलबा आ गया है। चीन सीमा को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पूरी तरह बंद हैं। सैकड़ों यात्री अलग-अलग मार्गों पर फंसे हुए हैं। खराब मौसम को देखते हुए शुक्रवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

थल तहसील के नायल सपोली गांव में भारी भूस्खलन हुआ है। यहां नारायण राम के मकान की दीवार अचानक ढह गई। गौशाला में बंधे मवेशी मलबे के नीचे दब गए। परिवार ने रात भर जागकर टार्च की रोशनी में पत्थर हटाए। भारी मशक्कत के बाद घायल मवेशियों को मलबे से बाहर निकाला जा सका।

गुरुवार रात जिले में अलग-अलग स्थानों पर बारिश का स्तर अलग रहा। थल तहसील में सबसे ज्यादा 199 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तेजम में 130 मिमी और बंगापानी में 110 मिमी बारिश हुई। डीडीहाट में 84 मिमी पानी बरसा। धारचूला में 54 मिमी, बेरीनाग में 50 मिमी और देवलथल में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। कनालीछीना में यह आंकड़ा 36.4 मिमी रहा। गणाई गंगोली में 20.5 मिमी और गंगोलीहाट में 18 मिमी बारिश हुई। मुनस्यारी में 12.6 मिमी पानी गिरा। पिथौरागढ़ मुख्य शहर में सबसे कम 11.6 मिमी बारिश मापी गई है।

मलबा गिरने से जिले की कई प्रमुख और संपर्क सड़कें बाधित हैं। धारचूला-तवाघाट मार्ग बंद पड़ा है। थल-मुनस्यारी और थल-डीडीहाट मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप है। उडियारीबैंड-थल और सातशिलिंग-थल सड़कों पर भारी मलबा जमा है। थल-पांखू तथा देवीसूना-खेतारकन्याल गराली मार्ग बंद होने से संपर्क कट गया है।

डीडीहाट-आदिचौरा खूना मोटर मार्ग मलबा आने से बंद है। डीडीहाट-दूनाकोट और तवाघाट-ठानीधार मार्ग पर गाड़ियां फंसी हैं। ड्योड़ा-बारमों और एलागाड़-जुम्मा सड़क भी मलबे से पटी है। सोबला-उमचिया, कालिका-खुमती और बंगापानी-जारा जिबली मार्गों पर आवाजाही रुक गई है। घट्टाबगड़-तांकुल, होकरा-नामिक, बांसबगड़-कोटा, नाचनी-भैंसकोट और डीडीहाट-आदिचौरा सीणी चामा मोटर मार्गों पर भी मलबा गिरा है।

थल-चौकोड़ी सड़क पर कई जगहों पर भूस्खलन दर्ज हुआ है। दर्जनों विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गए हैं। भारी पेड़ों की चपेट में आने से क्रैश बैरियर टूट गए हैं। वन विभाग और प्रशासन पेड़ों को काटकर सड़क खोलने का काम कर रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र सिंह महर ने नुकसान का जायजा लिया है। राजस्व विभाग की टीमें नुकसान वाले स्थानों पर पहुंचकर क्षति का आकलन कर रही हैं। बंद सड़कों को जल्द खोलने की कार्रवाई चल रही है।

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