उत्तराखंड की राजनीति में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् (Vande Mataram Row) को लेकर घमासान तेज हो गया है। देहरादून में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रगीत के मामले में विभाजनकारी और तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। सबसे दिलचस्प बात ये रही कि पत्रकारों के सवाल पर भट्ट ने खुद स्वीकार किया कि आज ज्यादातर लोगों को वंदे मातरम् की दो लाइन से ज्यादा याद नहीं है।
खुद स्वीकारी जागरूकता की कमी
भट्ट ने कहा कि दशकों तक वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप से देशवासियों को दूर रखा गया, इसी वजह से आज बहुत कम लोगों को इसके सारे छंद कंठस्थ हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि नियमित गायन और अभ्यास से धीरे-धीरे यह लोगों के व्यवहार में शामिल होगा। भट्ट ने आगे जोड़ा कि पूरा गीत न गा पाने वाला व्यक्ति भी कम से कम सम्मान में खड़ा तो हो ही सकता है — उनके मुताबिक असली सम्मान गायन में नहीं, भावना में है।
जनजागरण अभियान (Janjagran Abhiyan) की तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी अब राष्ट्रगीत के इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत को जनता, खासकर युवाओं तक पहुंचाने के लिए विशेष जनजागरण अभियान चलाएगी। भट्ट ने 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति प्रस्ताव और 1923 के काकीनाडा अधिवेशन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भी वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर विरोध हुआ था, और कांग्रेस आज भी उसी सोच को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि गांधी जी वंदे मातरम् को धर्म से परे राष्ट्रीय भावना मानते थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके नाम का इस्तेमाल तो किया, उनकी सोच को नजरअंदाज कर दिया। भट्ट ने यह भी बताया कि दिल्ली में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में वंदे मातरम् को लेकर प्रस्ताव पारित किया जा चुका है।
हरीश रावत के बयान पर पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मुद्दे को जेन-जी से जुड़े असल सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया था। इस पर पलटवार करते हुए भट्ट ने कहा कि रावत जैसे वरिष्ठ नेता को खुद अपने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए प्रेरित करना चाहिए, न कि आजादी के दौर के प्रतीकों पर राजनीति करनी चाहिए।
भट्ट ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के सामने राष्ट्रगीत के सम्मान से ज्यादा वोट बैंक की चिंता हावी है। उन्होंने साफ किया कि भाजपा के लिए वंदे मातरम् किसी दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे भारत का राष्ट्रगीत है, और पार्टी इसके सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









