देहरादून, 15 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून के विकासनगर क्षेत्र अंतर्गत बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उग्र हुए स्थानीय निवासियों ने दो नामजद आरोपियों के घरों को आग के हवाले कर दिया। हालात बिगड़ते देख प्रशासनिक अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण, एक मकान और दो दुकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है।
इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ की पुलिस के साथ कई बार तीखी झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर दो अलग-अलग मौकों पर पथराव किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बेकाबू हो रही भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सिंचाई का पानी, चुनावी रंजिश और 17 हजार का विवाद
प्राथमिक जांच में हत्या की वजह भले ही सिंचाई के पानी का तात्कालिक विवाद नजर आ रही हो, लेकिन इसके पीछे गहरी पारिवारिक और सियासी दुश्मनी सामने आई है। मृतक के भाई राजेश कुमार के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पिछले दस वर्षों से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चल रही थी। करीब एक दशक पहले विनोद कश्यप ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला मुख्य आरोपी मासूम की भतीजी से हुआ था। इसके बाद पंचायत चुनाव में विनोद के भाई अशोक कुमार ने क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा, तो वहां भी आरोपी पक्ष का सदस्य सामने खड़ा था।
राजनीतिक रंजिश के साथ-साथ इस हत्याकांड के तार रुपयों के लेन-देन से भी जुड़े हैं। विनोद कश्यप पहले एक निजी शिक्षण संस्थान में शिक्षक थे, लेकिन दो साल पहले उन्होंने नौकरी छोड़कर कैटरिंग का काम शुरू किया था। आरोप है कि मुख्य आरोपी मासूम के घर हुए एक कार्यक्रम में विनोद ने कैटरिंग की सेवाएं दी थीं, जिसके 17 हजार रुपये मासूम पर बकाया थे। चार दिन पहले जब विनोद ने अपने पैसे मांगे, तो दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी।
लाठी-डंडों और हथौड़ों से किया हमला
राजेश कुमार का आरोप है कि शनिवार को आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके घर के बाहर आकर पानी को लेकर विवाद खड़ा किया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से अपने अन्य साथियों को बुलाकर पूरे परिवार पर लाठी, डंडों, बेलचे और हथौड़ों से हमला कर दिया। हमलावरों के निशाने पर मुख्य रूप से विनोद कश्यप थे। गंभीर चोटें आने के कारण विनोद की मौत हो गई, जबकि उनके दो छोटे भाई राजेश और अशोक भी इस हमले में घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बच्चों से छिपाई पिता की मौत की सच्चाई
इस दुखद घटना से कश्यप परिवार पूरी तरह टूट चुका है। विनोद अपने पीछे पत्नी निधि, 11 साल का बेटा और 7 साल की बेटी छोड़ गए हैं। घर में मातम का माहौल है, लेकिन सबसे मार्मिक बात यह है कि परिजनों ने अभी तक पत्नी और मासूम बच्चों को विनोद की मौत की खबर नहीं दी है। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया है कि विनोद अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।
विनोद के 76 वर्षीय बुजुर्ग पिता भगवंत कुमार और 70 वर्षीय माता दयावती सदमे में हैं और बार-बार बेहोश हो रहे हैं। हमले में घायल हुए भाइयों को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सिर पर गंभीर चोट होने के बावजूद राजेश और अशोक परिवार को संभालने के लिए घर लौट आए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनके भाई की हत्या के जिम्मेदार आरोपियों के पूरे कुनबे को फांसी की सजा दी जाए।









