देहरादून, 1 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Namo Bharat Rishikesh : उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ से ऋषिकेश तक प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल आरआरटीएस कॉरिडोर के सर्वे के लिए अपनी लिखित मुहर लगा दी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को राज्य की ओर से औपचारिक संस्तुति भेज दी गई है। उत्तराखंड सरकार इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर अपनी सैद्धांतिक सहमति पहले ही दे चुकी है। उत्तराखंड सचिवालय की ओर से लिखित दस्तावेज जल्द जारी होंगे।
परामर्श शुल्क के तौर पर 7.02 करोड़ रुपये की धनराशि आकस्मिकता निधि से जारी करने की विधिक प्रक्रिया एकदम अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह फाइल पास होते ही ग्राउंड जीरो पर सर्वे की टीमें धरातल पर उतर जाएंगी। एनसीआरटीसी बिना किसी देरी के इस पूरे कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू कर देगा।
150 किलोमीटर का होगा नया ट्रैक
यह नया आरआरटीएस कॉरिडोर मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से सीधे शुरू होकर मुजफ्फरनगर की सीमाओं को पार करते हुए उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। रुड़की और हरिद्वार में हर की पैड़ी के पास से गुजरते हुए यह ट्रैक ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक बिछाया जाएगा। इस पूरी 150 किलोमीटर लंबी परियोजना में 72 किलोमीटर का हिस्सा यूपी की भौगोलिक सीमा में आता है। बाकी 78 किलोमीटर का ट्रैक उत्तराखंड की सीमा के भीतर तैयार होगा।
एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि रूट अलाइनमेंट और स्टेशनों के चयन का खाका सर्वे के बाद पूरी तरह फाइनल हो जाएगा। दिल्ली में सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण कार्य पहले से अस्तित्व में है। अब इसी ट्रैक को आगे लक्ष्मण झूला तक 150 किलोमीटर और विस्तारित किया जा रहा है।
सफर की रफ्तार और समय की बचत
दिल्ली से ऋषिकेश के बीच सड़क मार्ग से सफर करने में अभी औसतन 6 घंटे का वक्त लगता है। नमो भारत ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी। आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद सराय काले खां से ऋषिकेश तक करीब 230 किलोमीटर की यह पूरी दूरी सिर्फ 3 घंटे में सिमट जाएगी।
फरवरी 2026 में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक इस हाईस्पीड ट्रेन का कमर्शियल संचालन शुरू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से सीधी मुलाकात की थी। इसी उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने मोदीपुरम से ऋषिकेश तक रैपिड रेल के विस्तार का लिखित प्रस्ताव केंद्र को सौंपा था।
उत्तराखंड सरकार ने 17 जून को आधिकारिक बयान जारी कर यूपी, उत्तराखंड और एनसीआरटीसी के बीच बनी इस साझा सहमति की जानकारी सार्वजनिक की थी। हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को अब एक आधुनिक और सुरक्षित हाई स्पीड परिवहन सुविधा मिलेगी। नेशनल हाईवे पर निजी वाहनों का भारी दबाव भी सीधे तौर पर कम होगा।









