दून हॉराइज़न, देहरादून (16 सितंबर): वीआईपी आयोजनों और सियासी चमक-दमक से अलग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने बुधवार को अपना जन्मदिन दृष्टिबाधित बच्चों की खिलखिलाहट के बीच मनाया।
राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD Dehradun) के परिसर में जब मुख्यमंत्री पहुंचे, तो बच्चों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुए सीधे बच्चों की कतारों में बैठकर केक काटा और उनके साथ आत्मीय संवाद किया।
बच्चों से सीधा संवाद और हौसले की बात
कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने एक-एक कर कई विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, संगीत और भविष्य के सपनों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी शारीरिक चुनौती को मात दी जा सकती है। प्रतिभा किसी संसाधन या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।
उनके अनुसार, जीवन में आने वाली रुकावटें केवल हमारे संकल्प की परीक्षा लेती हैं और जो बच्चे निरंतर अभ्यास करते हैं, वे हर मुकाम हासिल करते हैं। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री को अपने बनाए कार्ड और शुभकामनाएं भेंट कीं।
दिव्यांग सशक्तिकरण समाज का साझा दायित्व
संस्थान के सभागार में जुटे शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ना केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है। जब तक समाज का हर नागरिक अपनी संवेदनशीलता के साथ आगे नहीं आएगा, तब तक यह प्रयास अधूरा रहेगा। समान अवसर और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना हम सभी का साझा कर्तव्य है। बच्चों की मासूम हंसी को अपने जीवन का सबसे यादगार तोहफा बताते हुए उन्होंने शिक्षकों के समर्पण की भी सराहना की।
पत्नी गीता धामी और मंत्री गणेश जोशी रहे मौजूद
इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी और स्थानीय मसूरी विधायक व काबीना मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहे। संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को परिसर में चल रही शैक्षणिक और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी। सादगी भरे इस आयोजन के बाद मुख्यमंत्री ने संस्थान के विकास और विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।









