देहरादून, 6 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Badrinath Donation Scam : अयोध्या राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हेराफेरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा गठित जांच समिति ने इस प्रकरण पर अपना काम शुरू कर दिया है।
बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने रविवार को मामले की जानकारी दी। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मंदिर समिति को सौंपनी होगी।
जांच टीम विभिन्न साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। चढ़ावा गणना में लगे कर्मचारियों और वहां तैनात मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है। किसी भी साक्ष्य, वैज्ञानिक उपकरण या तथ्य के साथ छेड़छाड़ को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
चढ़ावे में हेराफेरी की यह कथित घटना 2 जुलाई 2026 की बताई जा रही है। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में नियमानुसार 45 दिन की गतिविधियां सुरक्षित रखी जाती हैं।
बीकेटीसी ने चढ़ावा गणना स्थल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर 1 जून 2026 को ही कुछ नए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे। इन कैमरों की फुटेज को जांच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है।
बीकेटीसी ने इस मामले की तह तक जाने के लिए चार अधिकारियों की एक जांच समिति बनाई है। इसमें बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल और मंदिर समिति के विधि अधिकारी एसएस वर्त्वाल शामिल हैं।
समिति में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डी एस भुजवाण को भी सदस्य नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और मंदिर समिति के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने पार्टी की रणनीति स्पष्ट की।
मंदिरों में चढ़ावे से जुड़ी इन गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस 8 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में उपवास और सत्याग्रह करेगी। धीरेंद्र प्रताप ने बदरीनाथ और केदारनाथ से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।
देवप्रयाग में श्री बदरीश पंडा पंचायत ने भी इस प्रकरण पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को एक विस्तृत पत्र भेजा है।
पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की खबरें सनातन संस्कृति पर आघात हैं। पैसे लेकर दर्शन करवाने जैसी घटनाओं से बदरीनाथ धाम की गरिमा को देश-विदेश में भारी नुकसान पहुंच रहा है।
पीढ़ियों से धाम की सेवा कर रहे तीर्थपुरोहितों और पुजारियों में इन घटनाओं को लेकर गहरा दुख और रोष है। श्री बदरीश पंडा पंचायत ने बीकेटीसी से सवाल किया है कि इन प्रकरणों का सामने आना किसी षडयंत्र का हिस्सा है या सिर्फ अनदेखी का परिणाम।
पंचायत ने जांच कमेटी के गठन का समर्थन किया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की वकालत की। उन्होंने मांग रखी है कि इस मामले में किसी उच्च पद पर बैठे व्यक्ति का नाम आने पर उस पर भी बिना किसी रियायत के कार्रवाई होनी चाहिए। धाम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में पंचायत ने बीकेटीसी को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
देहरादून में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चढ़ावे के दान और वित्तीय अनियमितताओं पर सीधे राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इस घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग की।
गोदियाल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और अन्य सबूतों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की नाक के नीचे चढ़ावे के पैसों पर डाका डाला जा रहा है। सरकार यदि विपक्ष को जांच में शामिल नहीं करना चाहती, तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव और अन्य शामिल अधिकारियों को निलंबित कर जेल नहीं भेजा जाता, पार्टी चुप नहीं बैठेगी। मंदिर प्रशासन मामले को रफा-दफा करने और छोटे कर्मचारियों पर जिम्मेदारी मढ़कर मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।









