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Dehradun Crime : देहरादून फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, बेहोश महिला से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को मिला आजीवन कारावास

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देहरादून, 5 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Crime : न्यायालय अपर जिला एंड सेशन जज फास्ट ट्रैक (पॉक्सो) मंजू सिंह मुंडे की अदालत ने हाथीबड़कला क्षेत्र में एक अचेत महिला के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए अजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की है। दोषी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।

यह जघन्य वारदात 31 जुलाई 2023 की है जब हाथीबड़कला के सर्वे गेट स्थित कूड़ेदान के पास खून से लथपथ एक महिला बेहोशी की हालत में मिली थी। नगर निगम कर्मचारी की सूचना पर धारा चौकी प्रभारी आशीष रावत ने पुलिस बल के साथ मौके पर दबिश दी। पुलिस आनन-फानन में महिला को दून अस्पताल लेकर पहुंची जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर आई गंभीर चोट को मौत का मुख्य कारण माना गया। पुलिस ने कैनल रोड इलाके में घेराबंदी कर 31 जुलाई को ही आरोपी को दबोच लिया था। वह अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है।

मृतका की शिनाख्त के लिए पुलिस ने तमाम रिकॉर्ड खंगाले और परिवार की तलाश की लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद कोई सुराग हाथ नहीं लगा। तत्कालीन धारा चौकी इंचार्ज आशीष रावत ने खुद इस मुकदमे में शिकायतकर्ता बनकर विधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया। उन्होंने मामले की तफ्तीश में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर पूरा जोर दिया।

आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में उगला कि रेलवे स्टेशन के समीप शराब के ठेके के बाहर उसकी मुलाकात शराब पीती हुई उस महिला से हुई थी। उसने मजाक में महिला को साथ चलने का प्रस्ताव दिया। वह महिला आसानी से उसके साथ जाने के लिए राजी हो गई।

आरोपी महिला को हाथीबड़कला में सुलभ शौचालय के बगल वाले एक बंद कमरे में ले गया जहां दोनों ने शराब पी। शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने और जबरदस्ती के दौरान महिला द्वारा उसका होंठ काटे जाने पर आरोपी ने तैश में आकर उसका सिर सीधे दीवार पर दे मारा। महिला मौके पर ही अचेत हो गई।

बेहोश पड़ी उस बेबस महिला के साथ आरोपी ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और वहीं कमरे में सो गया। सुबह आंख खुलने पर जब उसने महिला को मृत पाया तो शव को घसीटते हुए कूड़ेदान के पास फेंक दिया ताकि हत्या सड़क हादसा लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद वह घटनास्थल से फरार हो गया।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई कि आरोपी ने मृतका के साथ अत्यधिक क्रूरता की थी और उसके शरीर के संवेदनशील हिस्सों समेत कुल 10 जगहों पर चोट के गहरे निशान मौजूद थे। महिला ने अपनी जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उसके हाथों की मुट्ठी में आरोपी के बाल फंसे हुए मिले।

मुट्ठी में मिले यही बाल बाद में इस हत्याकांड की जांच की दिशा तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य साबित हुए। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले अन्य जैविक नमूनों का भी गहराई से परीक्षण किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक बेहद मजबूत चार्जशीट तैयार की।

जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने अदालत में बताया कि इस मामले में अभियोजन की ओर से 31 दस्तावेजी साक्ष्य और 09 अहम गवाह पेश किए गए। इन्हीं ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए अजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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