देहरादून, 06 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
SBIF Jeevanam : उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने सोमवार को एएनएम कर्मियों के लिए “एसबीआईएफ जीवनम्” पहल का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट के आदि कैलाश ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। प्रदेश में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना इस नई पहल का प्राथमिक लक्ष्य है।
सरकार यह प्रोजेक्ट एसबीआई फाउंडेशन के सीधे सहयोग से संचालित कर रही है। राज्य के पर्वतीय और अत्यधिक दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात सहायक नर्स एवं प्रसूति कार्यकर्ता (एएनएम) को इसमें मुख्य रूप से शामिल किया जाएगा। उन्हें आधुनिक स्वास्थ्य प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है।
सुबोध उनियाल ने एएनएम को स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम पंक्ति का कर्मी बताया। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं तक प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का पूरा जिम्मा इन्हीं कार्यकर्ताओं पर होता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य किसी भी समाज के समग्र विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
एसबीआईएफ जीवनम् के तहत एएनएम के कौशल विकास और क्षमता संवर्धन पर काम होगा। प्रशिक्षण से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सीधा सुधार आएगा। ग्रामीण स्तर पर सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशुओं की सटीक देखभाल सुनिश्चित करने के लिए यह ढांचा तैयार किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य सरकार की नीतियों को लेकर भी रुख स्पष्ट किया। प्रदेश के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है। यह नई पहल स्वस्थ मातृत्व, सुरक्षित नवजात और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का एक मजबूत आधार बनेगी।
आदि कैलाश ऑडिटोरियम में आयोजित इस लॉन्च कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम कर्मियों और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया।









